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नमस्कार दोस्तों! Computervidya में आपका स्वागत है आज के इस पोस्ट में हम आपको OSI और TCP/IP मॉडल में अंतर (Difference Between OSI and TCP/IP Model in Hindi) में अंतर बताएँगे।
OSI और TCP/IP मॉडल में अंतर
SN OSI Model TCP Model
1 OSI मॉडल रिफरेन्स मॉडल है। OSI Model का उपयोग Network Concept को समझने या रिफरेन्स के लिए होता है। TCP/IP मॉडल प्रैक्टिकल मॉडल है। वर्तमान में TCP Model का उपयोग इन्टरनेट में हो रहा है।
2 OSI मॉडल में 7 लेयर होती है। TCP/IP मॉडल 4 लेयर होती है।
3 OSI मॉडल को ISO (International Standard Organization) ने Develop किया जिसे सन् 1984 में प्रस्तुत किया गया था। TCP/IP मॉडल को ARPANET (American Research Project Agency Network) ने Develop किया जिसे सन् 1974 में प्रस्तुत किया गया था। ।
4 OSI का पूरा नाम Open System Interconnection है। TCP/IP का पूरा नाम Transmission Control Protocol है तथा IP पूरा नाम Internet Protocol है।
5 OSI मॉडल Vertical Approach को Follow करता है। TCP/IP मॉडल Horizontal Approach को Follow करता है।
6 OSI मॉडल Physical Layer और Data Link Layer दो अलग लेयर है जिनका फंक्शन अलग-अलग है। TCP/IP मॉडल Physical Layer और Data Link Layer को एक लेयर Host to Network Layer में combine कर दिया है।
7 OSI मॉडल में सेशन लेयर और प्रेजेंटेशन लेयर दो अलग लेयर है। TCP/IP मॉडल में सेशन लेयर और प्रेजेंटेशन लेयर नहीं होता है।
8 OSI मॉडल का उपयोग Real World Network में नहीं होता है इसका उपयोग केवल रिफरेन्स के लिए हो रहा है। TCP/IP मॉडल का उपयोग Real World Network में हो रहा है हम आज भी टी सी पी/ आई पी मॉडल का उपयोग कर रहे है।

OSI Model in Hindi (OSI Model Kya hai?)
OSI का तात्पर्य Open System Interconnection है OSI रिफरेन्स मॉडल data communication का एक स्टैंडर्ड्स मॉडल है जिसके द्वारा नेटवर्क में Data Transmission के समय, कंप्यूटरों के हार्डवेयर और सॉफ्टवेर में होने वाले changes एवम् फंक्शन को 7 लेयर में डिफाइन किया गया है।

दुसरे शब्दों में, जब नेटवर्क में कंप्यूटर के मध्य डाटा ट्रांसमिशन होता है तो डाटा ट्रांसमिशन के प्रोसेस में कंप्यूटर द्वारा कई प्रकार के फंक्शन परफॉर्म किये जाते है जिसे OSI ने सात लेयर में डिफाइन किया है अर्थात OSI रिफरेन्स मॉडल 7 लेयर का एक framework है जिसके द्वारा नेटवर्क में कंप्यूटर और डिवाइसों के मध्य डाटा ट्रांसमिशन के समय होने वाले फंक्शन को सात लेयर में डिफाइन किया गया है।


दोस्तों, Open Interconnection का तात्पर्य एक ऐसा नेटवर्क कनेक्शन से है जिसमें विभिन्न कंपनीयों द्वारा बनाये जाने वाले कंप्यूटरों और नेटवर्क डिवाइसों को आपस में interconnect किया जा सके अर्थात एक ही नेटवर्क में सभी को Connect किया जा सके। वास्तव में OSI, ओपन इंटरकनेक्शन का एक स्टैण्डर्ड मॉडल है जो नेटवर्क कम्युनिकेशन के लिए एक इंटरनेशनल स्टैण्डर्ड बन चूका है क्योकिं विभिन्न प्रकारों के नेटवर्क डिवाइसों को बनाने वाले सभी निर्माता कंपनीयां अपने प्रोडक्ट को बनाते समय OSI रिफ़रेंस मॉडल का अनुपालन करता है।



TCP/IP बहुत सारें प्रोटोकॉल का एक समूह है जिसके दो प्रमुख प्रोटोकॉल TCP (Transmission Control Protocol) और IP (Internet Protocol) प्रोटोकॉल के नाम पर इस मॉडल का नाम रखा गया है TCP/IP Model का उपयोग असमान नेटवर्क (Heterogeneous Networks) के बिच कम्युनिकेशन कराने के लिए किया जाता है। TCP प्रोटोकॉल का कार्य DATA को छोटे-छोटे भागों (सेगमेंट) में बाँटने का होता है और IP का कार्य इन डाटा पैकेट को नेटवर्क में सोर्स से डेस्टिनेशन तक पहुचाने का होता है।



दोस्तों इनके अलावा यदि आप OSI मॉडल और TCP/IP मॉडल को विस्तार से समझना चाहते है या फिर कंप्यूटर नेटवर्क के अन्य टॉपिक को पढ़ना चाहते है तो निचे दिए गए लिंक में जाकर उन्हें पढ़ सकते है।

तो दोस्तों उम्मीद करतें है की यह पोस्ट OSI और TCP/IP में क्या अंतर है? (OSI aur TCP/IP Model mein antar) आपको पसंद आया होगा अगर यह पोस्ट (TCP aur OSI mein antar) आपको पसंद आया हो तो पोस्ट को लाइक करें और अपने दोस्तों को Facebook, Intsagram, WhatsApp इत्यादि में शेयर करें और अगर आपका कोई सवाल या सुझाव हो तो पोस्ट के निचे कमेंट करना न भूले। धन्यवाद्!

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